
ब्रिस्लारी की बोटल है ,
५ स्टार होटल है ,
मेकडोनाल्ड और पिज्जा हट का अम्बार है ,
आज गली गली में बियर बार है ,
रोलेक्स की घड़िया हाथों में सजी ,
पीटर इंग्लैंड से बाहें कसी,
घर में नहीं आटा ,
पैरो में बाटा ,
यहाँ तो सभी जगह नेम एंड फेम है ,
भला कोई मनुष्य नहीं ब्रांड नेम है ,
यही है आज के आजाद भारत की कहानी
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी ।
मंदी की मार है ,
आम आदमी की हार है
चारो और चाटूकार है ,
नेता मस्त है ,
जनता त्रस्त है ,
याद आ गए आटे दाल के भाव ,
जब खाने को रह गया सिर्फ बड़ा पाव ,
पिने को नहीं है साफ़ पानी
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी
कोक , पेप्सी और थुम्स अप महफ़िल में है ,
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है ,
अलगाववाद और भाषावाद हावी है ,
जागरूक रहना अवश्यभावी है,
युवा भटक रहा है ,
नेता खटक रहा है ,
मल्टीनेशनल कंपनियों को मेला है ,
बड़ा गड़बड़ झमेला है ,
हर तरफ से हानि ही हानि,
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी,
आतंकवादी , नक्सलवादी , बढती आबादी
गायब हो गई बापू की खादी ,
बापू ने नमक कानून तोड़ा ,
तो हमने इंडियन पेनल कोड का हर कानून तोड़ा ,
किसानो की बदहाली है,
चारो तरफ कंगाली है,
यही है आज के गणतंत्र की कहानी ,
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी ।
13 comments:
वाह ! साहब क्या खूब कही आपने .......आपके व्यंग बड़े सटीक और सही है !!
http://kavyamanjusha.blogspot.com/
sach mai aaj ka jamana kaisa hai?kya sach likha hai apne?ap aise hi likhte jaiye...garib ki kya haal hai?keep it up...
so,gud poem..satyarth..keep it up...that's poem u writed?
बहुत खूब कहा आपने हुज़ूर !!!
उम्दा व्यंग !!!
so true yaar.......
aaj duniya ka sach mein yahi haal hai.keep going
nice ji
SAHI KAHA MENE BHI EK COKE KI BOTTEL BUY KI THI BAD PANI BHAR RAHA HU PAR AAJ TAK COKE KI SMELL NAHI GAE...
bahut mast heeeeee
karara thappad ham hindustaniyon par...bahut dhar hai aapki kalam main...
achcha laga aapko padhna.
WAH USTAD MAZA AA GAYA.
waah sriman phir bhi hum sab ka dil hai hindustani
really good
Post a Comment