Monday, September 21, 2009

पिछली गली की चम्पाकली

नज़र के सामने जिगर के पास ,
कोई रहता है..... वो हो तुम
वाकई में आज भी ये गाना जवां दिलो की धड़कने रोक देता है , लोगो में प्यार के प्रति एक नया ताजापन ला देता है , रोडसाइड रोमियो टाइप के छिछोरे छोरो को काफी हिम्मत देता है , हैण्डपम्प टाइप के हैण्डसम लोग इस गाने का इस्तेमाल करते समय अपने आप को रोमियो ओर ओर दुसरे की बीवी को जुलिअट समझलेते है ओर फ़िर खूंखार पतियों का शिकार बनते है ..............
खैर आज तो ग्लोब्लिज़शन का ज़माना है तो इस गाने को भी तो नए जमाने के मज्नुओ ने ग्लोबलाइज़ कर दिया है .......
अब ये गाना हो गया है....... नेट के सामने , चेटरूम के पास
कोई रहती है , वो है चम्पाकली ।
खैर ये कहने में अब हर्ज़ ही क्या है क्युकी आज के मॉडर्न ज़माने में तो हमारे चम्पको की चम्पाकली वही मिलेगी ना - पिछली गली में ..... यानि की इन्टरनेट पर क्युकी भइया मजनू मॉडर्न होगये है ज़माने के साथ चल रहे है , खैर अगर आप मुझसे इस बारे में पूछे तो में तो अपने बारे में इतना ही कह सकता हु जब से नेट चलाना सिखा है की ..................
मेरा भी वनवास पर जाने का इरादा था मगर
मुझको इन्टरनेट पर कोई सीता नही मिली ।
ओर मै नेट पे सेट नारे लगाने वाला लौंडा तो हूँ नही मै तो यही कहता हू की जो किसी शायर ने भी कहा है .........
दिल वो बस्ती है जहाँ कोई तमन्ना नही मिली
मै वो पनघट हूँ जिसे कोई राधा नही मिली .......
वैसे ये हकीक़त किसी से छुपी नही है की आज का छोरा जब बोर होता है तो वो छोरियों के घर के चक्कर काटने वाले डरावने ओर पथरीले रास्तो...( जिसमे प्रतिपल उस क्षेत्र के गुंडों का डर तो रहता है जब वो सीटिया मारते हुए छोरियों के घर के चक्कर काटता है) इसलिए उसने एक नेक ओर शरीफों वाला रास्ता चुना है जिस आसान रास्ता का नाम है - पिछली गली की चम्पाकली , क्युकी ये एक शार्टकट है जिसमे चम्पक , चम्पकलियो को खुल्ले आम एक खास किस्म के लाइसेंस ( नेट ) पे सेट करते है वैसे कही कही पे आश्चर्यचकित करते हुए ये काम छोरियाँ भी करती है ...........
हलाकि अभी तक ऐसे रिलेशन बहुत काम ही देखने को मिले है जो सुख के साथ दांपत्य जीवन का निर्वाह कर रहे है ...........
क्युकी ये तो वही बात है न की ........ रहेगा रांची और शादी करेगा कराची .........
वैसे कुछ मज्नुओ को बिना देखे ही नेट पर प्यार हो जाता है और कुछ आशिक मिजाज़ इसे रियल लव कहते है ..... और बन्दे की तारीफों के पुल बांधते की वाह क्या लड़का है प्यार हो तो ऐसा ...... ओर जब उन्हें धोका मिलता है तो वो जगजीत सिंग की ग़ज़ल गाते है ................की
प्यार का पहला ख़त लिखने मै वक्त तो लगता है
नए परिंदों को उड़ने मै वक्त तो लगता है ।
ओर ये प्यार इस हद तक पहुच जाता है की कुछ मजनू जो कभी सु - साइड करते थे आज वो सुसाईड करने लगते है और उन चम्पाकलीयों के लिए जान दे देते है जो बाद मै नेट पर लड़को की कारस्तानी निकलती है ।
खैर भगवान् से यही प्रार्थना है की अब ये पिछले गली का खेल लोग जल्दी ही समझ जाए और आँखों देखि पर ज्यादा विश्वास करे ,,,,,,, और मै तो यही कहता हू हर चम्पक और चम्पाकली से की .......

नेट हर मजनू को प्यार मै उतार लेता है
और लव चेट वो है जो अच्छो अच्छो के जेवर उतार लेता है .............

2 comments:

nikki said...

realy good 1 i like it very much

nandini said...

apke upar ye article suitable nahi hai...saach apne likha...fir doshi to ap bhi honge..waise pichle gali ki champakali to sabhi use karte hai..and ye apse acha kon jan sakta hai....